जिनगी पहाड़ जइसन लागे कबो-कबो · May 14, 01:46 AM
जिनिगी पहाड़ जइसन लागे कबो-कबो
सुखला में बाढ़ जइसन लागे कबो-कबो
कुछुओ कहाँ बा आपन, झूठो के बा भरम
साँसो उधार जइसन लागे कबो-कबो
सभकर बा हाथ पसरल मंदिर में देखलीं
दुनिया भिखार जइसन लागे कबो-कबो
डोली ई देह लागे, दुलहिन ई आत्मा
जिनिगी कँहार जइसन लागे कबो-कबो
होखे महल या मड़ई पर प्यार के बिना
सगरो उजाड़ जइसन लागे कबो-कबो
जहिया से नेह लागल ‘भावुक’ के गीत से
नफरत दुलार जइसन लागे कबो-कबो
-मनोज भावुक
You can Listen this song in Bhawuk’s Voice Here
— Manoj Bhawuk
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